स्वामी विवेकानंद के विचारों से ही होगा सशक्त भारत का निर्माण : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े….

रायपुर: स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर ही सशक्त, समरस और विकसित भारत का निर्माण संभव है यह बात महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर कही। उन्होंने युवाओं से सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्यों के पालन जैसे पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षित, जागरूक और संस्कारवान युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य तय करेंगे।

राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती) के अवसर पर सूरजपुर जिला स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला, जब जिले के 400 स्कूली विद्यार्थी स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस दृश्य को अद्भुत बताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो स्वामी विवेकानंद की ऊर्जा स्वयं युवाओं के माध्यम से मंच पर साकार हो उठी हो।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने युवाओं से नशे से दूर रहने, राष्ट्र सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान आत्मनिर्भर भारत और नशामुक्त भारत की शपथ भी दिलाई गई।

समारोह में भाषण, काव्यपाठ, रंगोली एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें 400 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, पूर्व विधायक श्रीमती रजनी रविशंकर त्रिपाठी सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्वामी विवेकानंद के मंत्र “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” का स्मरण कराते हुए कहा कि यह संदेश आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण और मानव कल्याण के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।




