छत्तीसगढ़

कृषि महाविद्यालय, रायपुर में अखिल भारतीय समन्वित सब्जी अनुसंधान परियोजना के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं सब्जी बीज वितरण कार्यक्रम संपन्न…..

रायपुर: कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सब्जी विज्ञान विभाग में अखिल भारतीय समन्वित सब्जी अनुसंधान परियोजना के अनुसूचित जनजाति उप योजना (कोंडागांव) एवं अनुसूचित जाति उप योजना (जांजगीर चांपा) के अंतर्गत लाभान्वित कृषकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं सब्जी बीज वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक विस्तार सेवाएं, डॉ. एस.एस. टुटेजा, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. आरती गुहे का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत करते हुए हुए अखिल भारतीय समन्वित सब्जी अनुसंधान परियोजना के प्रमुख, डॉ. धनंजय शर्मा ने बताया कि जांजगीर-चांपा (एसएसपी) एवं कोण्डागांव (टीएसपी) क्षेत्र से आए हुए किसानों को पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति एवं आय वृद्धि के उद्देश्य से भिंडी, बैंगन, बरबटी सहित विभिन्न सब्जियों के उन्नत बीज वितरित किए जाएंगे तथा उन्नत उत्पादन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश चंदेल ने किसानों से कहा कि हरी सब्जियों के नियमित सेवन से पोषण की कमी से होने वाले रोगों में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने किसानों को प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने गांवों में अन्य किसानों को भी प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब तक गांव विकसित नहीं होंगे, तब तक राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है।

डॉ. एस.एस. टुटेजा ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से सब्जी उत्पादन अपनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. आरती गुहे अपने उद्बोधन में कहा कि सब्जियां पोषण से भरपूर होती हैं, परंतु गुणवत्तायुक्त बीज का चयन अत्यंत आवश्यक है। किसानों को अपनी पोषण बाड़ी विकसित करने तथा अतिरिक्त उत्पादन को बाजार में बेचकर आय बढ़ाने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को बीज किट वितरित किए गए, जिनमें कोकोपीट, नर्सरी ट्रे, वर्मी कम्पोस्ट एवं उन्नत किस्मों के बीज शामिल थे। साथ ही इनके उपयोग की विधि भी विस्तार से बताई गई। प्रशिक्षण में भूमि एवं मिट्टी परीक्षण के आधार पर किस्म चयन, टपक सिंचाई प्रणाली एवं उपलब्ध सब्सिडी का लाभ लेने, गुणवत्तायुक्त बीज भंडार से प्रमाणित बीज खरीदने तथा आय वृद्धि हेतु आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक विस्तार सेवाएं, डॉ. एस.एस. टुटेजा, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. आरती गुहे, विभागाध्यक्ष, सब्जी विज्ञान विभाग, डॉ. नीरज शुक्ला, डॉ. नरेंद्र लाखपाले, अखिल भारतीय समन्वित सब्जी अनुसंधान परियोजना के प्रमुख, डॉ. धनंजय शर्मा, सब्जी विज्ञान विभाग के अन्य प्राध्यापक गण तथा जांजगीर एवं कोण्डागांव जिले से बड़ी संख्या में प्रशिक्षण प्राप्त करने आए हुए किसान उपस्थित रहे। औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात किसानों को विभागीय प्रयोगशाला एवं प्रायोगिक क्षेत्र का भ्रमण भी कराया गया।

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News Desk

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