छत्तीसगढ़

डबरी बनी स्थायी आजीविका का आधार : जल संरक्षण के साथ बढ़ी आय….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है, जहां मनरेगा के तहत निर्मित आजीविका डबरियां किसानों की आय का मजबूत आधार बन रही हैं।

इसी कड़ी में विकासखंड बगीचा के ग्राम पंचायत कुदमुरा निवासी किसान मधुसूदन ने अपनी कृषि भूमि पर डबरी का निर्माण कर न केवल सिंचाई की समस्या का समाधान किया, बल्कि स्थायी आय का स्रोत भी विकसित किया है। मनरेगा योजना के तहत लगभग 2.85 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस डबरी ने उनके जीवन में बदलाव लाया है। इस योजना की बदौलत एक ओर रोजगार उपलब्ध कराया, वहीं दूसरी ओर स्थायी परिसंपत्ति का निर्माण भी सुनिश्चित हुआ है।

जल संरक्षण के साथ बढ़ी आय

डबरी बनने के बाद मधुसूदन ने इसके आसपास लगभग 80 डिसमिल भूमि में टमाटर, फूलगोभी और मिर्च जैसी उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू की, जिससे उन्हें करीब 1.50 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही डबरी में मत्स्य पालन कर वे प्रतिवर्ष लगभग 70 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार वे सालाना करीब 2.20 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले में अब तक 480 आजीविका डबरियों का निर्माण किया जा चुका है। इन डबरियों का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना, भूजल स्तर में वृद्धि करना, सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना तथा मत्स्य पालन और बागवानी जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।

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News Desk

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