छत्तीसगढ़

चिरायु योजना बनी बच्चों के लिए जीवनदायिनी, जन्मजात विकृतियों से पीड़ित तीन बच्चों का हुआ निःशुल्क सफल उपचार

चिरायु योजना बनी बच्चों के लिए जीवनदायिनी, जन्मजात विकृतियों से पीड़ित तीन बच्चों का हुआ निःशुल्क सफल उपचार

 

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्मजात हृदय रोग एवं कटे-फटे होंठ-तालु से ग्रसित बच्चों को मिला नया जीवन, आयुष्मान भारत योजना के समन्वय से संभव हुआ उपचार

 

बेमेतरा, :- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु योजना) बेमेतरा जिले में जन्मजात विकृतियों से पीड़ित बच्चों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से जन्मजात हृदय रोग एवं कटे-फटे होंठ-तालु जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे तीन बच्चों का निःशुल्क सफल उपचार कर उन्हें स्वस्थ जीवन की नई शुरुआत दी गई।

 

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृतलाल रोहलेडर के मार्गदर्शन में विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शरद कोहाड़े, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री लता बंजारे एवं सहायक जिला नोडल अधिकारी डॉ. ऋषभ शर्मा के समन्वित प्रयासों से चिरायु योजना एवं आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। योजना के तहत दो जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों एवं एक कटे-फटे होंठ-तालु से ग्रसित बच्ची का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क सफल ऑपरेशन कराया गया।

 

प्रेरणा साहू के दिल का सफल ऑपरेशन, मिला स्वस्थ जीवन

ग्राम झिरिया, विकासखंड बेमेतरा निवासी कु. प्रेरणा साहू, पिता परमानंद साहू, जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थीं। 23 मई 2026 को आंगनबाड़ी केंद्र झिरिया में आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु दल ने बच्ची के हृदय में असामान्य ध्वनि (मर्मर साउंड) की पहचान की। विशेषज्ञ जांच (ईको) में हृदय में छेद की पुष्टि होने पर परिजनों को योजना की जानकारी देकर उपचार के लिए प्रेरित किया गया। 20 जुलाई 2026 को बच्ची को उच्च चिकित्सा संस्थान में भर्ती कराया गया तथा 28 जुलाई 2026 को सफल हृदय ऑपरेशन किया गया। वर्तमान में प्रेरणा पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रही है।

IMG 20260806 WA0202

रिशिका पाल का निःशुल्क हृदय उपचार बना नई उम्मीद

बेमेतरा नगर के वार्ड क्रमांक-09 निवासी कु. रिशिका पाल, पिता बंशी पाल, भी गंभीर जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित थीं। आंगनबाड़ी भ्रमण के दौरान चिरायु दल ने बच्ची की पहचान की। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण परिजन उपचार कराने में असमर्थ थे। चिरायु योजना के तहत निःशुल्क इलाज का भरोसा दिलाकर बच्ची को उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा गया। 20 मई 2026 को भर्ती करने के बाद 22 मई 2026 को सफल हृदय ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद रिशिका अब स्वस्थ एवं सामान्य जीवन व्यतीत कर रही है।

IMG 20260806 WA0204

तरणी चंद्राकर की मुस्कान लौटी

ग्राम कोदवा, विकासखंड बेमेतरा निवासी कु. तरणी चंद्राकर, पिता सोनलाल चंद्राकर, जन्मजात कटे-फटे होंठ-तालु की विकृति से पीड़ित थीं। चिरायु दल ने बच्ची का चिन्हांकन कर उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर किया, जहाँ 11 जुलाई 2026 को प्रथम चरण में कटे-फटे होंठ का निःशुल्क सफल ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद बच्ची के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है और आगे के उपचार की प्रक्रिया भी जारी है।

IMG 20260808 WA0256

चिरायु योजना के अंतर्गत बच्चों की समय पर पहचान, विशेषज्ञ जांच, रेफरल एवं निःशुल्क उपचार की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। योजना के माध्यम से जिले में लगातार ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। चिरायु दल के सदस्य डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. दिलीप चंद्रवंशी, डॉ. प्रीति ठाकुर, डॉ. ज्योति वर्मा, हिना सिन्हा, खिलेन्द्र साहू, बलवंत बंजारे, सत्यवीर डंडोतिया, मनीष साहू, दीपा विश्वकर्मा एवं आरती वर्मा की महत्वपूर्ण एवं सक्रिय भूमिका रही। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे बच्चों का सतत चिन्हांकन कर उन्हें चिरायु योजना एवं आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से निःशुल्क उपचार का लाभ दिलाया जाता रहेगा।

?s=32&d=mystery&r=g&forcedefault=1
News Desk

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button