छत्तीसगढ़

पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से रचना सोनी ने बचाए 35 हजार रुपये, अपने नाम संपत्ति होने से बढ़ा आत्मविश्वास, बची राशि से परिवार की आर्थिक योजना को मिली मजबूती…..

रायपुर: शासन की जनहितकारी नीतियों का लाभ जब किसी परिवार की आर्थिक योजना को आसान बनाता है, तो उसका प्रभाव केवल कागजों पर नहीं, बल्कि परिवार के भविष्य में भी दिखाई देता है। बिलासपुर की श्रीमती रचना सोनी के लिए महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत ऐसा ही एक अवसर लेकर आई। अपने नाम संपत्ति का पंजीयन कराने पर उन्हें लगभग 35 हजार रुपये की बचत हुई। रचना सोनी ने बताया कि शुल्क में मिली इस राहत से संपत्ति पंजीयन का खर्च कम हुआ और परिवार के लिए आर्थिक रूप से भी सहूलियत मिली।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप, वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में विभिन्न सुधार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जा रही है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर इन पहलों के जमीनी प्रभाव, उनके अनुभव और सुझावों को जान रहा है।

’रजिस्ट्री का खर्च घटा, परिवार के लिए बनी आर्थिक राहत’

श्रीमती रचना सोनी ने बताया कि संपत्ति अपने नाम कराने के दौरान पंजीयन शुल्क में मिली 50 प्रतिशत की छूट से उन्हें 35 हजार रुपये की बचत हुई। उनके अनुसार, संपत्ति खरीदने या पंजीयन कराने में होने वाले खर्च के बीच यह बचत परिवार के लिए महत्वपूर्ण राहत है। इससे एक ओर पंजीयन का आर्थिक बोझ कम हुआ, वहीं दूसरी ओर बची राशि का उपयोग परिवार की अन्य आवश्यकताओं और भविष्य की आर्थिक योजना में किया जा सकता है।

रचना सोनी के लिए यह सुविधा केवल शुल्क में कमी तक सीमित नहीं रही। अपने नाम संपत्ति का पंजीयन होने से उन्हें संपत्ति पर अपने स्वामित्व का अनुभव मिला और आर्थिक निर्णयों में उनकी भागीदारी को भी मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व से जोड़ने वाली ऐसी पहल उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित और आत्मविश्वासी बनाने में सहायक होती है।

’4 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत हुआ पंजीयन शुल्क’

महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इस तरह महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत मिल रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करना और उन्हें सीधे आर्थिक लाभ उपलब्ध कराना है। रचना सोनी की कहानी इसी पहल के जमीनी प्रभाव को सामने लाती है। 35 हजार रुपये की बचत उनके लिए पंजीयन प्रक्रिया में मिली आर्थिक राहत है, लेकिन इसके साथ अपने नाम संपत्ति का स्वामित्व उनके लिए आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास से भी जुड़ा है।

‘सेवा संकल्प’ से सामने आ रही बदलाव की कहानियां’

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभाग द्वारा हितग्राहियों से किए जा रहे सीधे संवाद से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि शासन की सुविधाओं और सुधारों का नागरिकों के जीवन पर किस तरह प्रभाव पड़ रहा है। रचना सोनी का अनुभव बताता है कि जब किसी नीति का लाभ सीधे परिवार तक पहुंचता है, तो वह बचत, सुविधा और आत्मविश्वास के रूप में दिखाई देता है। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहन देने वाली यह पहल आर्थिक राहत के साथ महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। रचना सोनी ने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को संपत्ति पंजीयन में मिल रही यह रियायत उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उपयोगी कदम है।

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News Desk

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